🌿 सावन 2025: कब से शुरू हो रहा है और किन बातों का रखें खास ध्यान?
📅 सावन 2025 की शुरुआत कब है?
सावन मास, जिसे श्रावण मास भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म में भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पवित्र महीना है।
👉 उत्तर भारत में: सावन शुरू होगा 11 जुलाई 2025 (शुक्रवार) से और समाप्त होगा 9 अगस्त 2025 (शनिवार) को।
👉 दक्षिण भारत में: सावन 25 जुलाई से 23 अगस्त 2025 तक रहेगा।
🔱 सावन का धार्मिक महत्व
- 🛕 भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का समय
- 🌙 सावन सोमवार व्रत विशेष फलदायक माने जाते हैं
- 💧 शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, भस्म आदि अर्पित करने की परंपरा
- 🧘♂️ व्रत, ध्यान, सेवा और संयम का महीना
⚠️ सावन में क्या नहीं करना चाहिए? – ये 7 बातें जरूर जानें
❌ 1. मांसाहार और मद्यपान से दूरी बनाएँ
यह सात्विकता और संयम का महीना है। मांस, शराब, लहसुन-प्याज आदि से दूर रहें – यह धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टियों से लाभकारी है।
❌ 2. शिवलिंग पर तुलसी या केतकी के फूल न चढ़ाएँ
ये फूल शिव को वर्जित माने गए हैं। बेलपत्र, आक, धतूरा आदि शिव को प्रिय हैं।
❌ 3. तांबे के पात्र से दूध या जल न चढ़ाएँ
तांबा दूध/दही के साथ रासायनिक क्रिया करता है, जिससे दोष लगता है। चांदी या स्टील के पात्र का प्रयोग करें।
❌ 4. झूठ, गाली और निंदा से बचें
यह समय मानसिक और आत्मिक शुद्धि का होता है। नकारात्मक वाणी और विचार से बचें।
❌ 5. बेलपत्र को उल्टा न चढ़ाएँ
बेलपत्र को चिकनी सतह ऊपर की ओर रखें। टूटा या कीटग्रस्त बेलपत्र न चढ़ाएँ।
❌ 6. देर रात जागना या मोबाइल का अत्यधिक प्रयोग
ध्यान और साधना के लिए पर्याप्त नींद और मानसिक शांति जरूरी है।
❌ 7. दिखावा और फिजूल खर्च से बचें
पूजा को सोशल मीडिया प्रदर्शन न बनाएं। यह आत्म-संयम और सेवा का समय है।
✅ सावन में क्या करना चाहिए?
- 🕉️ प्रतिदिन शिव जलाभिषेक करें – मानसिक शांति मिलती है
- 📿 ऊँ नमः शिवाय मंत्र जाप करें – चित्त स्थिर रहता है
- 🥛 फलाहारी व्रत रखें – स्वास्थ्य और संयम दोनों बढ़ते हैं
- 📖 शिव पुराण, रुद्राष्टक का पाठ करें – आध्यात्मिक लाभ होता है
- 🍃 बेलपत्र, धतूरा, भस्म से पूजन करें – शिव कृपा प्राप्त होती है
🗓️ 2025 के सावन सोमवार व्रत तिथियाँ (उत्तर भारत के लिए)
| 📅 सोमवार | 📆 तारीख |
|---|---|
| पहला | 14 जुलाई 2025 |
| दूसरा | 21 जुलाई 2025 |
| तीसरा | 28 जुलाई 2025 |
| चौथा | 4 अगस्त 2025 |
✨ निष्कर्ष
सावन मास सिर्फ धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं बल्कि आत्मिक और मानसिक शुद्धि का पर्व है। इन सात बातों से परहेज़ और संयम के साथ यह माह भगवान शिव की अनुकंपा पाने का सर्वोत्तम अवसर बन सकता है।
ॐ नमः शिवाय 🙏 — आपका सावन मंगलमय हो!

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